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Showing posts from March, 2022

कहीं ना जाती ये यादें हैं

बाहरी चीज़ों की सफाई में  पता ही नहीं चला कब मन पे  यादों की छाप और गहरी हो गई |  भुलाने की कोशिश में इतना याद कर लिया  की अब भुलाने की लालसा ही नहीं रही |  बंद हो गया है अब फर्क पड़ना  क्यूँकि अब तर्क देने की इच्छा ही खो गई |

राम

 कहाँ हैं राम ? कण कण में हैं , मेरे मन में है , तेरे मन में है |  आस्था है , वो श्रद्धा है  सामाजिक मर्यादा में  है |  विचार में है , संवेदना में है , प्रेम में  है , और अनुरोध में है |  नहीं हैं वो किसी पत्थर में , पाखंड में ,  अवसाद में , प्रतिपाद में |  आचरण में है राम , पिता के सम्मान में है , माँ की आज्ञा पालन में है , पत्नी के समादर में  है , और भाई के सौहार्द में  है राम |  जिसे ना सम्मान का मोह  ना हो अपमान का भय, ऐसे हर इंसान में है राम |  राम नहीं है बस एक नाम , भारत की संस्कृति की जान है राम |  प्रतीकों में मत समेटो इनको , मूर्ति, मंदिर का करते हुए निर्माण  जानो की  राम न चाहें ऐसे प्रमाण |  भूल न जाओ क्या है  राम, जपते जपते उनका नाम  समझो  उनके गुणों का  दाम |  राम छलके तुममें भी, ऐसे करो काम  तभी मिलेगा  राम धाम |  जय सिया राम | 

Being a woman

Being a woman is amazing No matter where she comes from, whatever her colour, race, social status or education. She can always relate to the discrimination. She knows how it feels to be considered inferior and outcast for reasons out of her control. So she naturally gains the power to empathise with the oppressed, ignored, unfortunate and weaker folks. This compassion can be converged to reduce inequalities and create fair opportunities, provided women take the charge.